Vaishno Devi Yatra
Vaishno Devi Yatra

Vaishno Devi Yatra भारत के सबसे मुस्किल यात्राओ में से एक हा. जिन्दगी में एक बार यह यात्रा करना हर भारतीयों हिन्दुओ के सपना होता हा. आज में आप लोगो को Vaishno Devi Yatra in hindi  में पूरी जानकारी प्रदान करनेवाला हु.

माता जी के मंदिर त्रिकुटा पर्बत में स्तित हा और ये जम्मू काश्मीर के कतरा में आता हा. Vaishno Devi Yatra के लिए सठिक समय का इन्तेजेर करना परता हा और कुछ नियमो का पालन करना परता हा.  

माता की मंदिर को Bhwan नाम से जाना जाता हा और इस मंदिर को एक ट्रस्ट दौरा चलाया जाता हा, जो  वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के नाम से जाना जाता हा.

 में निचे कुछ Vaishno Mata ka photo, Vaishno Devi road photos और Vaishno Devi Yatra photos प्रदान करूँगा, इससे आप लोगोको समझ ने में आसानी होगी. और में निचे पूरी Vaishno Devi Yatra guide in hindi में देने वाला हु.

कैसे जाये ?

Mata Vaishno Devi Yatra के लिए कतरा एक बसे कैंप माना जाता हा. यह यात्रा आप भारत की कोई भी राज्ज से हबाई जहाज़, ट्रेन, बास और अपना गाड़ी से कर सकते हो. मगर आप कोई भी जगह से आये आपको पहेले कतरा पाउचना पड़ेगा.

अगर आप हवाई जहाज़ से आना चाहते हो तो आपको जम्मू हवाई अड्डा की टिकेट बनाना पड़ेगा. जम्मू से कतरा ५० किलोमीटर के आस पास हा. एहा से आप कोई गाड़ी बुक करके कतरा तक पाउच सकते हो.

ट्रेन से Vaishno Devi Yatra करना काफी आसन हा. भारत की सभी बड़े रेलवे स्टेशन से कतरा के लिए ट्रेन मिल जाता हा. तो अगर आप ट्रेन से आना चाहते हो तो, आप सीधा Mata Vaishno Devi Yatra की बसे कैंप कतरा पाउच जायेंगे.

Vaishno Devi ki Yatra के लिए आप लोगो को डेल्ही और जम्मू से बहुत सरे बास मिल जायेगा. यह बास पकडके आप सीधा कतरा पाउच सकते हो.

Katra से Bhawan कैसे जाये ?

आब आप लोग सोच रहे हो के कतरा पाउच ने के बाद कैसे Vaishno Mata Yatra करे. दरासल Vaishno Devi Yatra के लिए Mata Vaishno Devi Route काफी मुस्किल हा.

कतरा से भवन जाने के दो मुख रास्ता हा. Vaishno Devi jane ka rasta काफी मुस्किल और Vaishno Devi Chadhai काफी जायदा हा. एक हा ताराकोट मार्ग से अध्कुवारी होते हुए भवन और दूसरा हा बाणगंगा से अध्कुवारी होते हुए भवन.

कतरा से भवन हेलीकाप्टर से कैसे जाये ? How to reach Vaishno Devi Temple from Katra by Helicopter?

कतरा से भवन हेलीकाप्टर से जाने के लिए आपको कतरा से २ किलोमीटर की दुरी में कतरा हेलिपैड मिल जायेगा और वहा आप कोई भी ओटो पकड़ के जा सकते हो. कतरा से यह हेलीकाप्टर सर्विस संजी चाट तक की परिसेवा प्रदान करते हा. Sanji Chhat से माता की मंदिर २ किलोमीटर की दुरी में हा. एहा से आप पेहेदल और घोड़े, खचर के द्वारा भी जा सकते हो.

हेलीकाप्टर से जाने के लिए आपको टिकेट ऑनलाइन बुक करना पड़ेगा माता जी की मंदिर का अपना वेबसाइट से.

Mata Vaishno Devi yatra की  बिस्तारित जानकारी

Vaishno Devi Yatra

पहेले तो आप को ऑटो पकडके बाणगंगा या ताराकोट मार्ग आना पड़ेगा. उसके बाद अगर आपको पेहेदल यात्रा करना हा तो आप ताराकोट मार्ग का चुनाब कीजिये, कुएँ की यह मार्ग में घोरे और खचर नही चलते हा. तो आप आसानी से यह रास्ता से पेहेदल जा सकते हो.

अगर आप घोड़े, खचर, पालकी इतादी से माँ वैष्णो देवी यात्रा करना चाहते हो तो आपके लिए बाणगंगा ही सही रास्ता हा. कुएँ की ताराकोट मार्ग अभी नया रास्ता हा इसलिए यह रूट केबल पेहेदल जाने के लिए सही हा. और बाणगंगा में आपको सबही धरनों बाहन की सुविधा मिल जाता हा. अबतो बाणगंगा से अध्कुवारी तक आपको बैटरी गाड़ी ओ के सुभिधा दिया जाता हा.

अगर आप बाणगंगा होते हुए Veshno Devi Yatra  करते हो तो आपको एक गुलशन नाम की लंगर मिलेगा येह आपलोग भोजन ही कर सकते हो और उसके बाद बाणगंगा पे नहाके अपने यात्रा को आगे बड़ा सकते हो. इस रस्ते में आप माता जी की चरण पादुका की दर्शन ही कर सकते हो.

अगर आप ताराकोट मार्ग से जाते हो तो उस रास्ता में भी आपको Shrine Board की लंगर मिल जाये गा. और इस रस्ते में आपको जगह जगह में रेस्ट रूम, अथ्रूम और टी स्टाल की सुभिदाये मिल जायेगा.

चाहे आप कोई भी मार्ग से Vaishno Yatra करे आपको अध्कुवारी पौचना ही पड़ेगा. उसके बाद आप अध्कुवारी में रुक भी सकते हो और अपना यात्रा को आगे भी बड़ा सकते हो भवन के दिशा में. आब अपलोगो के मन में एक प्रश्न जरुर आरहा हा के हम अध्कुवारी में कुएँ रुके?

दरशल अध्कुवारी में माता की गर्भ गुह नाम की एक गुफा मोजुत हा , कहा जाता हा की इस गुफा में माता ने ९ महीना समय बिताया थे. इस गुफा में सुबह और शाम को आरती भी होते हा. तो अगर आप इस गुफा को देखना चाहते हो तो आपको येह रुकना पड़ेगा, कुएँ की इसे देखने के लिए लम्बी लाइन लग जाता हा जो पारकर को गुफा देखने के लिए कई घंटा समय लग सकता हा.

आब समय आया माता की भवन की तरफ आगे बदने का. अध्कुवारी में भी आपको घोड़े, खचर और पालकी की सुभिधा उप्लोवद हो जाते हा. येह से आप पेहेदल नही तो ये सब साधन की दौरा माता की दर्शन के लिए आगे बडिए.

आब भवन पाउच ने के बाद आपको वहा पे पसाद के स्टल देखने को मिल जायेगा. आपलोग वहा से पसाद लेके माता की दर्शन की जिए और पसाद चड़ाए. यह दर्शन के लिए आपका ३ से ४ घंटा की समय लग सकता हा. माता की दर्शन करने की बाद आपलोग वहा रुक भी सकते हो नही तो आप वापस आपका जाने की रास्ता से वापस भी आ सकते हो.

अगर आप भरेब देब जी का मंदिर दर्शन करना चाहते तो माता की मंदिर से उपोर की तरफ और २ किलोमीटर आपको जाना पड़ेगा. भरेब मंदिर जाने के लिए आप लोगोको पेहेदल, घोड़े, खचर और केबल कार सुभिधा के उप्लोव्ध हो जायेगा. यह मंदिर आप आधा घंटा तक की समय लग सकता हा. में अपलोगो को येही सलहा देना च हूँगा के अगर आप माता के दर्शन के लिए जाते हो तो भेरब बाबा जी का मंदिर भी एकबार जरुर दर्शन करे.

Vaishno Devi Yatra की दौरान किन किन नियमो की पालन करना हा?

Vaishnodevi Yatra के दौरान जब आप कतरा से माता की भवन की तरफ आगे बड़ते हो तो आपको जायदा कुछ नियमो की पालन करना नही पड़ता हा. माता की मंदिर में पौचने के बाद कुछ नियम का पालन आपको करने की अबसकता हा. बोह में निचे उलेख कर रहा हु.

लेदर के बेल्ट का बेबहर नही कर सकते हो.

लेडिस के बेग आप नही ले जा सकते हो.

मोबाइल और कैमरा के उपोयोग आप नही कर सकते हो.

कोई भी धारण के लेदर बेग आप नही ले जा सकते हो मंदिर के अन्दर.

आप जूते पेहेनके मंदिर के अन्दर नही जा सकते हो.

नोट : माता जी के मंदिर के पास में ही आपको बैग और जूते रकने का स्टैंड की सुबिधा मिल जाये गा. और फ्रेश होने का भी इन्तेजाम हा वहा पे.

Vaishno Devi Yatra के दौरान क्या क्या देखने को मिल जायेगा ?

बाणगंगा

एहा एक झरना के साथ छोटा सा जलधर भी हा. एहा आपको इस पबित्र पानी में नहाने के मौका मिलेगा. एहा नहाके सुध होके आपलोग अपना यात्रा को आगे वडा सकते हो.

माता की चरण पादुका

यह माता की चरण पादुका आपको बाणगंगा वाला मार्ग में मिल जायेगा.  आप माता के दर्शन से पहेले इस चरण पादुका के दर्शन जरुर कीजिये और अपने यात्रा को आगे बडाये.

गरब गेह

यह गरभ गेह में माता ९ मेहेना तक रुके थे. इस गरभ गेह देखने के लिए २- १२ घंटा के समय लग जाता हा. येह की दर्शन के लिए अपलोगो को टिकेट बनाना पड़ेगा और लम्बे लाइन पे इंतेज़र करना पड़ेगा. माता की इस गुफा की रास्ता काफी संक्रिन हा इसलिए जायदा लोग एक साथ दर्शन नही कर सकते हा. इस मुस्किल रास्ता के लिए येह दर्शन यात्री को छोटे छोटे दलों में बिहाजित करके भेजा जाता हा.

माता जी की मंदिर

येही हमलोगों के दर्शन का मुख स्थल हा. यह मंदिर त्रिकुट पर्बत में स्तिथ हा. यह मंदिर बाणगंगा से १२ किलोमीटर और ताराकोट मार्ग से १४ किलोमीटर के होने वाला हा.  माता के दर्शन आपलोग पेहेदल जाना चहेते हो तो आपको ८-१२ घंटा का समय लग सकता हा . और अगर आप किसी बाहन दौरा जाना चाहते हो तो यह समय कुछ हद तक घाट जाएगी.

भेरब बाबा का मंदिर बिरब पर्बत में स्तित हा. यह मंदिर माता रानी के मंदिर से २ किलोमीटर की उचाई में हा. माता के मंदिर से आपलोग वहा पेहेदल, घोड़े, खचर और केबल कार दौरा पाउच सकते हो. यह मंदिर भी काफी प्रशिद हा.

Vaishno Devi Yatra के लिए कितना खर्चा आएगा?

यह खर्चा निर्भर करता हा आप कितना दिनों का Vaishno Devi Temple Yatra का प्लान कर रहे हो उसके उपोर. फिर भी में आपको एक मोटा मोटी आईडिया दे देता हु.

अगर आप पेहेदल यात्रा कर रहे हो तो ३००० रूपया के आस पास आएगा जन प्रति.

अगर आप घोड़े और खचर एहा अन्न कोई साधन से जाना चाहते हो तो यह खर्चा आपका ६-७ तक आने वाला हा जन प्रति.

अगर आप हेलीकाप्टर से आना जाना चाहते हो तो यह खर्चा आपको लगभग १०००० रूपया के आस पास आने वाला हा जन प्रति.

नोट : उपोर दिया गिया खर्चा का हिसाब कतरा से माता की मंदिर और फिर वापस कतरा आने तक का.

Tricket और Fare details

बाणगंगा से माता की मंदिर तक घोड़े और खचर की किराया : १२०० रूपया जन प्रति..

बाणगंगा से माता की मंदिर तक पालकी की किराया : ३२०० रूपया जन प्रति.

अध्कुवारी से माता की मंदिर तक घोड़े खाछार की किराया : ६०० रूपया जन प्रति.

अध्कुवारी से माता की मंदिर तक पालकी की किराया : १७०० रूपया जन प्रति.

अध्कुवारी से माता की मंदिर तक बैटरी बाहन की किराया : ३५० रूपया जन प्रति.

Katra to Bhawan Helicopter Ticket price : १७३० रूपया जन प्रति.

Sanji Chhat helipad से भबन तक घोड़े और खचर का किराया : २०० से २५० तक जन प्रति.

नोट : उपोर दिया गिया किराया का जानकारी श्रीफ जाने का हा मतलब एक साइड का हा.

Vaishno Devi Darshan timings

वैष्णो देवी जाने का सही समय ? Best time to do Vaishno Devi Yatra ?

.साल भर में किसी भी समय आप माता की यात्रा कर सकते हा. मगर यह धयान रखना जरुरी हा की आप नवरात्री वाला समय छोड़ के यात्रा कीजिये. इस समय भीड़ थोडा जायदा होने के लिए आपको काफी सरे कठिनाई का सामना करना पड़ सकता हा.

Vaishno Devi Yatra के दौरान कहा रुके ?

आप जब माता की यात्रा करते हा तब आप कही से भी जाये आपको कतरा तक आना पड़ेगा. तो कतरा पोच ने के बाद आप लोग कतरा में एक रात रुक के आगले दिन Vaishno Devi Yatra की सुरवात कीजिये. कतरा में आपको बहुत सरे होटल और माता जी की ट्रस्ट Shrine Board की रूम मिल जायेगा .

कतरा से रवाना होने के बाद आप लोग अध्कुवारी रुक सकते हो. येह पर भी आपको होटल मिल जायेगा नही तो आप येह भवन की ट्रस्ट दौरा चलाया जाता रूम के भी सुभिधा ले सकते हो.

माता जी के भबन पाउच ने के वाद आप लोग वहा पर भी माता की भबन में रुक सकते हो.

Vaishno Devi Ki Yatra से पहेले क्या क्या जानना जरुरी हा ?

Latest news of Vaishno Devi Yatra.

Vaishno Devi open or not?

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